vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा
»
श्लोक 85
श्लोक
8.46.85
एते द्रुपदपुत्राश्च धृष्टद्युम्नपुरोगमा:।
स्फीता: सत्यजितो वीरास्तिष्ठन्ति परमौजस:॥ ८५॥
अनुवाद
ये समृद्ध, विजयी और अत्यंत शक्तिशाली द्रुपद पुत्र धृष्टद्युम्न तथा अन्य वीर पुरुष युद्ध के लिए तैयार हैं।
These prosperous, victorious and extremely powerful Drupada's son Dhrishtadyumna and other brave men are ready for the war.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas