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mahabharat 8.46.73: देखो, संशप्तकों की ललकार सुनकर महाबली अर्जुन उनकी ओर बढ़े और अब युद्ध में उन शत्रुओं का संहार कर रहे हैं।'   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  8.46.73 
एष संशप्तकाहूतस्तानेवाभिमुखो गत:।
करोति कदनं चैषां संग्रामे द्विषतां बली॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
देखो, संशप्तकों की ललकार सुनकर महाबली अर्जुन उनकी ओर बढ़े और अब युद्ध में उन शत्रुओं का संहार कर रहे हैं।'
 
Look here, on hearing the challenge of the Samshaptakas, the mighty Arjuna started toward them and is now killing those enemies in the battle.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)