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mahabharat 8.46.67: देखो, किरीटधारी अर्जुन ने कौरव सेना को उसी प्रकार अत्यन्त व्यथित कर दिया है, जैसे सिंह नाना प्रकार के हजारों मृगों को भयभीत कर देता है।   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  8.46.67 
व्याकुलीकृतमत्यर्थं पश्य सैन्यं किरीटिना।
नानामृगसहस्राणां यूथं केसरिणा यथा॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
देखो, किरीटधारी अर्जुन ने कौरव सेना को उसी प्रकार अत्यन्त व्यथित कर दिया है, जैसे सिंह नाना प्रकार के हजारों मृगों को भयभीत कर देता है।
 
See, the crown-wearing Arjuna has greatly distressed the Kaurava army, just as a lion frightens thousands of deer of various species.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)