Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.46.41-42h: कर्ण! वही कुन्तीकुमार अर्जुन, जिनके विषय में तुम बार-बार पूछ रहे थे, शत्रुओं का संहार करने वाले रथ के साथ आ पहुँचे हैं। उनके घोड़े श्वेत रंग के हैं, श्रीकृष्ण उनके सारथि हैं और वे कर्मफल की भाँति तुम्हारी समस्त सेना के लिए अपरिहार्य हैं। | mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्ण! वही कुन्तीकुमार अर्जुन, जिनके विषय में तुम बार-बार पूछ रहे थे, शत्रुओं का संहार करने वाले रथ के साथ आ पहुँचे हैं। उनके घोड़े श्वेत रंग के हैं, श्रीकृष्ण उनके सारथि हैं और वे कर्मफल की भाँति तुम्हारी समस्त सेना के लिए अपरिहार्य हैं।
Karna! The same Kuntikumar Arjuna, whom you were repeatedly asking about, has arrived with a chariot killing enemies. His horses are white in colour, Shri Krishna is his charioteer and he is indispensable for your entire army like the fruits of actions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥