श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  8.46.37 
संजय उवाच
इत्युक्तो धर्मराजेन तथेत्युक्त्वा धनंजय:।
व्यादिदेश स्वसैन्यानि स्वयं चागाच्चमूमुखम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - जब धर्मराज ने ऐसा कहा, तब अर्जुन ने 'ऐसा ही हो' कहकर अपनी सेना को युद्ध करने का आदेश दिया और स्वयं सेना के सामने चले गए।
 
Sanjaya says - When Dharmaraj said this, Arjuna said 'So be it' and ordered his army to fight and he himself went to the front of the army.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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