श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  8.46.30 
पश्यार्जुन महाव्यूहं कर्णेन विहितं रणे।
युक्तं पक्षै: प्रपक्षैश्च परानीकं प्रकाशते॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन! युद्धस्थल में कर्ण द्वारा रची गई उस महान व्यूह रचना को देखिये। पक्ष-प्रतिपक्ष सहित शत्रुओं की वह व्यूह रचना कितनी शोभायमान है!॥30॥
 
Arjuna! Look at the great array created by Karna on the battlefield. How dazzling that array of enemy forces, with their sides and counter-sides, looks!॥ 30॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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