‘मैं कब सतलुज और सुन्दर रावी नदी को पार करके अपने देश में पहुँचूँगा और वहाँ शंख की मोटी-मोटी चूड़ियाँ पहने सुन्दर स्त्रियों को देखूँगा?॥17 1/2॥
‘When will I cross the Sutlej and the beautiful river Ravi and reach my country and see the beautiful women there wearing thick bangles made of conch shells?॥ 17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥