Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.42.40-41: शल्य! तब वह ब्राह्मण एकांत में भ्रमण करते हुए मेरे पास आया और बोला- 'तुमने प्रमादवश मेरी गाय के बछड़े को मार डाला है। इसलिए जब तुम युद्धभूमि में युद्ध कर रहे हो और अत्यंत भयभीत हो, उसी समय तुम्हारे रथ का पहिया गड्ढे में गिर जाना चाहिए।' | mahabharat अध्याय 8.42: कर्णका श्रीकृष्ण और अर्जुनके प्रभावको स्वीकार करते हुए अभिमानपूर्वक शल्यको फटकारना और उनसे अपनेको परशुरामजीद्वारा और ब्राह्मणद्वारा प्राप्त हुए शापोंकी कथा सुनाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शल्य! तब वह ब्राह्मण एकांत में भ्रमण करते हुए मेरे पास आया और बोला- 'तुमने प्रमादवश मेरी गाय के बछड़े को मार डाला है। इसलिए जब तुम युद्धभूमि में युद्ध कर रहे हो और अत्यंत भयभीत हो, उसी समय तुम्हारे रथ का पहिया गड्ढे में गिर जाना चाहिए।'
Shalya! Then that Brahmin came to me while roaming in solitude and said-'You have killed the calf of my cow due to negligence. Therefore, when you are fighting in the battlefield and are extremely frightened, at that very moment the wheel of your chariot should fall into a pit.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥