Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.42.25-26h: श्वेतवाहन अर्जुन अपनी अस्त्र-शस्त्र विद्या के लिए प्रसिद्ध हैं, दिव्यास्त्रों का प्रयोग करने में निपुण हैं तथा शत्रुओं का संहार करने में समर्थ हैं। आज मैं अपने तीखे बाणों से उस महारथी अर्जुन का सिर धड़ से अलग कर दूँगा। | mahabharat अध्याय 8.42: कर्णका श्रीकृष्ण और अर्जुनके प्रभावको स्वीकार करते हुए अभिमानपूर्वक शल्यको फटकारना और उनसे अपनेको परशुरामजीद्वारा और ब्राह्मणद्वारा प्राप्त हुए शापोंकी कथा सुनाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्वेतवाहन अर्जुन अपनी अस्त्र-शस्त्र विद्या के लिए प्रसिद्ध हैं, दिव्यास्त्रों का प्रयोग करने में निपुण हैं तथा शत्रुओं का संहार करने में समर्थ हैं। आज मैं अपने तीखे बाणों से उस महारथी अर्जुन का सिर धड़ से अलग कर दूँगा।
Shvetvaahan Arjun is renowned for his skill in weapons, is adept in using divine weapons and is capable of crushing enemies. Today, I will cut off the head of that great warrior Arjun from his body with my sharp arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥