Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.42.24-25h: मेरे अतिरिक्त दूसरा कौन है जो अपने प्राणों की रक्षा करने की इच्छा रखते हुए खाण्डव वन में देवताओं सहित समस्त प्राणियों पर विजय प्राप्त करने वाले महाबली अर्जुन के साथ युद्ध करना चाहेगा? ॥24 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.42: कर्णका श्रीकृष्ण और अर्जुनके प्रभावको स्वीकार करते हुए अभिमानपूर्वक शल्यको फटकारना और उनसे अपनेको परशुरामजीद्वारा और ब्राह्मणद्वारा प्राप्त हुए शापोंकी कथा सुनाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
य: सर्वभूतानि सदैवतानि
प्रस्थेऽजयत् खाण्डवे सव्यसाची॥ २४॥
को जीवितं रक्षमाणो हि तेन
युयुत्सेद् वै मानुषो मामृतेऽन्य:।
अनुवाद
मेरे अतिरिक्त दूसरा कौन है जो अपने प्राणों की रक्षा करने की इच्छा रखते हुए खाण्डव वन में देवताओं सहित समस्त प्राणियों पर विजय प्राप्त करने वाले महाबली अर्जुन के साथ युद्ध करना चाहेगा? ॥24 1/2॥
Who other than me, who wants to save his life, would wish to fight with the great Arjuna who had conquered all the creatures including the gods in the Khandava forest? ॥ 24 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥