Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.42.23-24h: मैं किसी दूसरे पुरुष को उस धनुर्धर के समान निपुण नहीं मानता, जिसने सम्पूर्ण पृथ्वी को जीत लिया है; आज मैं रणभूमि में उसके साथ अपनी पूरी शक्ति से युद्ध करूँगा॥ 23 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.42: कर्णका श्रीकृष्ण और अर्जुनके प्रभावको स्वीकार करते हुए अभिमानपूर्वक शल्यको फटकारना और उनसे अपनेको परशुरामजीद्वारा और ब्राह्मणद्वारा प्राप्त हुए शापोंकी कथा सुनाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं किसी दूसरे पुरुष को उस धनुर्धर के समान निपुण नहीं मानता, जिसने सम्पूर्ण पृथ्वी को जीत लिया है; आज मैं रणभूमि में उसके साथ अपनी पूरी शक्ति से युद्ध करूँगा॥ 23 1/2॥
I do not consider any other man to be as adept as the archer who has conquered the entire earth; today I will fight with him in the battlefield with all my might.॥ 23 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥