श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 39: शल्यका कर्णके प्रति अत्यन्त आक्षेपपूर्ण वचन कहना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  8.39.13 
संजय उवाच
इति कर्णस्य वाक्यान्ते शल्य: प्राहोत्तरं वच:।
चुकोपयिषुरत्यर्थं कर्णं मद्रेश्वर: पुन:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! कर्ण के बोलते ही मद्रराज शल्य ने उसे अत्यन्त क्रोधित करने की इच्छा से पुनः इस प्रकार उत्तर देना आरम्भ किया - ॥13॥
 
Sanjaya says: O King! As soon as Karna finished speaking, the Madra king Shalya, with the desire to anger him extremely, began to reply in this manner again:॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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