श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 38: कर्णके द्वारा श्रीकृष्ण और अर्जुनका पता बतानेवालेको नाना प्रकारकी भोगसामग्री और इच्छानुसार धन देनेकी घोषणा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.38.24 
ततो दुन्दुभिनिर्घोषो मृदङ्गानां च सर्वश:।
सिंहनाद: सवादित्र: कुञ्जराणां च नि:स्वन:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तब सब ओर से नगाड़ों की गम्भीर ध्वनि गूँजने लगी, नगाड़े बजने लगे, साथ ही बाजे बजने लगे, योद्धाओं की गर्जना और हाथियों की चिंघाड़ वहाँ गूँजने लगी।
 
Then the deep sound of drums started resounding from all sides, the drums started playing, along with the sound of musical instruments, the roars of the warriors and the trumpeting of elephants resounded there. 24.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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