श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 38: कर्णके द्वारा श्रीकृष्ण और अर्जुनका पता बतानेवालेको नाना प्रकारकी भोगसामग्री और इच्छानुसार धन देनेकी घोषणा  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  8.38.20 
पुत्रदारान् विहारांश्च यदन्यद् वित्तमस्ति मे।
तच्च तस्मै पुनर्दद्यां यद् यच्च मनसेच्छति॥ २०॥
 
 
अनुवाद
स्त्री, पुत्र, निवासस्थान तथा जो कुछ भी मेरे पास धन-सम्पत्ति और सुख-साधन हैं, उनमें से जो कुछ वह चाहेगा, वह सब मैं उसे दे दूँगा॥ 20॥
 
Wife, son, place to live and whatever other wealth and luxuries I have, whatever he desires from among them, I shall give it all to him.॥ 20॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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