Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.35.22-23h: आप समस्त अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता, विद्वान् और पराक्रमी योद्धा हैं, तथा समस्त विद्याओं और शस्त्रों में निपुण हैं। इस पृथ्वी पर कोई भी ऐसा नहीं है जो शारीरिक बल में आपकी बराबरी कर सके॥ 22 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वं च सर्वास्त्रविद् वीर: सर्वविद्यास्त्रपारग:॥ २२॥
बाहुवीर्येण ते तुल्य: पृथिव्यां नास्ति कश्चन।
अनुवाद
आप समस्त अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता, विद्वान् और पराक्रमी योद्धा हैं, तथा समस्त विद्याओं और शस्त्रों में निपुण हैं। इस पृथ्वी पर कोई भी ऐसा नहीं है जो शारीरिक बल में आपकी बराबरी कर सके॥ 22 1/2॥
‘You are also the knower of all the weapons, a learned scholar and a valiant warrior, proficient in all the sciences and weapons. There is no one on this earth who can equal you in physical strength.॥ 22 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥