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श्लोक 8.33.41  |
श्रुत्वा तद् भगवान् देवो देवानिदमुवाच ह।
ममापि सोऽपराध्नोति यो युष्माकमसौम्यकृत्॥ ४१॥ |
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| अनुवाद |
| यह सब सुनकर ब्रह्माजी ने देवताओं से इस प्रकार कहा - 'देवताओं! जो तुम्हारा अनिष्ट करता है, वह मेरा भी अपराधी है ॥ 41॥ |
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| After listening to all this, Lord Brahma said to the Gods in this manner - 'O Gods! Whoever does evil to you is guilty against me also. ॥ 41॥ |
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