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mahabharat 8.33.40: उन्होंने सिर झुकाकर भगवान ब्रह्मा को प्रणाम किया और उन्हें सब कुछ विस्तार से बताकर उन राक्षसों को मारने का उपाय पूछा।   |   mahabharat अध्याय 8.33: दुर्योधनका शल्यसे त्रिपुरोंकी उत्पत्तिका वर्णन, त्रिपुरोंसे भयभीत इन्द्र आदि देवताओंका ब्रह्माजीके साथ भगवान् शंकरके पास जाकर उनकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 33: दुर्योधनका शल्यसे त्रिपुरोंकी उत्पत्तिका वर्णन, त्रिपुरोंसे भयभीत इन्द्र आदि देवताओंका ब्रह्माजीके साथ भगवान् शंकरके पास जाकर उनकी स्तुति करना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  8.33.40 
ते तत्त्वं सर्वमाख्याय शिरोभि: सम्प्रणम्य च।
वधोपायमपृच्छन्त भगवन्तं पितामहम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने सिर झुकाकर भगवान ब्रह्मा को प्रणाम किया और उन्हें सब कुछ विस्तार से बताकर उन राक्षसों को मारने का उपाय पूछा।
 
He bowed his head and offered his salutations to Lord Brahma and after telling him everything in detail, asked him the solution to killing those demons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)