Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.31.69: हे राजन! देवता और दानव भी युद्धस्थल में मेरा सामना नहीं कर सकते, फिर मनुष्य रूप में जन्मे पाण्डव कैसे कर सकते हैं?   |   mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  8.31.69 
न हि मे समरे शक्ता: समुद्यातुं सुरासुरा:।
किमु पाण्डुसुता राजन् रणे मानुषयोनय:॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! देवता और दानव भी युद्धस्थल में मेरा सामना नहीं कर सकते, फिर मनुष्य रूप में जन्मे पाण्डव कैसे कर सकते हैं?
 
O King! Even the gods and demons cannot face me in the battlefield, then how can the Pandavas, born in human form, do so? 69.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)