Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.31.59: शत्रुओं द्वारा आसानी से न जीते जा सकने वाले राजा शल्य मेरे सारथि बनें और बहुत सी गाड़ियाँ मेरे पास गीध के पंख लगे धनुष-बाण लादकर ले जाएँ ॥ 59॥ | mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं द्वारा आसानी से न जीते जा सकने वाले राजा शल्य मेरे सारथि बनें और बहुत सी गाड़ियाँ मेरे पास गीध के पंख लगे धनुष-बाण लादकर ले जाएँ ॥ 59॥
Let King Shalya, who cannot be easily conquered by his enemies, become my charioteer and let many carts carry to me bows and arrows fitted with vulture's wings. ॥ 59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥