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mahabharat 8.31.10: इसीलिए उन्होंने आज अचानक शस्त्रों का प्रयोग करके हमें धोखा दिया है; परंतु हे राजन! कल मैं उनकी सारी योजनाएँ नष्ट कर दूँगा। ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.31.10 
सहसास्त्रविसर्गेण वयं तेनाद्य वञ्चिता:।
श्वस्त्वहं तस्य संकल्पं सर्वं हन्ता महीपते॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इसीलिए उन्होंने आज अचानक शस्त्रों का प्रयोग करके हमें धोखा दिया है; परंतु हे राजन! कल मैं उनकी सारी योजनाएँ नष्ट कर दूँगा। ॥10॥
 
"That is why they have cheated us today by suddenly using weapons; but O King! Tomorrow I will destroy all their plans." ॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)