Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.3.8-9: किन्तु द्रोणाचार्य की मृत्यु के पश्चात् यह समस्त सेना शोक में डूबी हुई प्रतीत हो रही है। युद्धभूमि में लड़ने वाले प्रायः सभी योद्धा शत्रुओं द्वारा मारे जा रहे हैं। युद्धभूमि में लड़ने वाला वीर कभी विजय प्राप्त करता है, तो कभी मारा जाता है। इसमें आश्चर्य की क्या बात है? अतः तुम सब लोग उत्साहपूर्वक सब ओर मुख करके युद्ध करो।' 8-9 | mahabharat अध्याय 8.3: दुर्योधनके द्वारा सेनाको आश्वासन देना तथा सेनापति कर्णके युद्ध और वधका संक्षिप्त वृत्तान्त । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किन्तु द्रोणाचार्य की मृत्यु के पश्चात् यह समस्त सेना शोक में डूबी हुई प्रतीत हो रही है। युद्धभूमि में लड़ने वाले प्रायः सभी योद्धा शत्रुओं द्वारा मारे जा रहे हैं। युद्धभूमि में लड़ने वाला वीर कभी विजय प्राप्त करता है, तो कभी मारा जाता है। इसमें आश्चर्य की क्या बात है? अतः तुम सब लोग उत्साहपूर्वक सब ओर मुख करके युद्ध करो।' 8-9
‘But after the death of Dronacharya, this entire army seems to be drowned in sorrow. Almost all the warriors fighting on the battlefield are killed by the enemy. The brave man fighting on the battlefield sometimes gets victory and sometimes he is killed. What is surprising in this? Therefore, you all should fight enthusiastically with your faces towards all sides. 8-9.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥