Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.28.49: राजन! भीमसेन ने कौरवों और आपकी गज सेना का पूर्णतः नाश कर दिया। इस प्रकार मध्यान्ह में सूर्यदेव के चले जाने पर कौरव और पाण्डव दोनों सेनाओं में महान यश चाहने वाले वीरों के नाश का यह कार्य पूर्ण हो गया॥49॥ | mahabharat अध्याय 8.28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन: कुरून् राजन् हस्त्यनीकं च सर्वश:।
एवमेष क्षयो वृत्त: कुरुपाण्डवसेनयो:।
अपराह्णे गते सूर्ये काङ्क्षतां विपुलं यश:॥ ४९॥
अनुवाद
राजन! भीमसेन ने कौरवों और आपकी गज सेना का पूर्णतः नाश कर दिया। इस प्रकार मध्यान्ह में सूर्यदेव के चले जाने पर कौरव और पाण्डव दोनों सेनाओं में महान यश चाहने वाले वीरों के नाश का यह कार्य पूर्ण हो गया॥49॥
Rajan! Bhimasena completely destroyed the Kauravas and your elephant army. In this way, with the departure of the Sun God in the afternoon, this work of destruction of the heroes who desired great fame in both the armies of Kaurava and Pandava was completed. 49॥
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे अष्टाविंशोऽध्याय:॥ २८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुल-युद्धविषयक अट्ठाईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥