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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  8.28.21 
विद्राव्य च बहूनश्वान् नागा राजन् मदोत्कटा:।
विषाणैश्चापरे जघ्नुर्ममृदुश्चापरे भृशम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
महाराज! बहुत से मदोन्मत्त हाथी बहुत से घोड़ों का पीछा करते और उन्हें काटकर मार डालते या बड़े जोर से पैरों से कुचल देते।
 
King! Many intoxicated elephants would chase many horses and kill them by biting them or crush them with their feet with great force.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)