vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 27: अर्जुनद्वारा राजा श्रुतंजय, सौश्रुति, चन्द्रदेव और सत्यसेन आदि महारथियोंका वध एवं संशप्तक-सेनाका संहार
»
श्लोक 36-37h
श्लोक
8.27.36-37h
गन्धर्वनगराकारं घोरमायोधनं तदा॥ ३६॥
निहतै राजपुत्रैश्च क्षत्रियैश्च महाबलै:।
अनुवाद
उस समय युद्धभूमि वहाँ मारे गए राजकुमारों और पराक्रमी क्षत्रियों के शवों के कारण गंधर्वनगर के समान भयानक प्रतीत हो रही थी।
At that time the battlefield looked as dreadful as Gandharvanagar because of the corpses of the princes and mighty Kshatriyas killed there. 36 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×