श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 27: अर्जुनद्वारा राजा श्रुतंजय, सौश्रुति, चन्द्रदेव और सत्यसेन आदि महारथियोंका वध एवं संशप्तक-सेनाका संहार  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  8.27.17 
माधवस्य तु विद्धस्य तोमरेण महारणे।
प्रतोद: प्रापतद्धस्ताद् रश्मयश्च विशाम्पते॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! उस महायुद्ध में तोमर के द्वारा घायल हुए श्रीकृष्ण के हाथ से चाबुक और लगाम गिर गई।
 
Prajanath! In that great war the whip and the reins fell from the hands of Shri Krishna who was injured by Tomara. 17.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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