श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 27: अर्जुनद्वारा राजा श्रुतंजय, सौश्रुति, चन्द्रदेव और सत्यसेन आदि महारथियोंका वध एवं संशप्तक-सेनाका संहार  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  8.27.16 
स निर्भिद्य भुजं सव्यं माधवस्य महात्मन:।
अयस्मयो हेमदण्डो जगाम धरणीं तदा॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वह लोहे का बना हुआ तोमर सोने के धनुष से महात्मा श्रीकृष्ण की बायीं भुजा पर लगा और तुरन्त पृथ्वी पर गिर पड़ा॥16॥
 
That iron-made Tomar with the golden bow hit the left arm of Mahatma Shri Krishna and immediately fell on the earth. 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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