Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.26.7: उनका रूप यमराज के समान अत्यंत भयानक लग रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि आज कृपाचार्य भी द्रोणाचार्य के मार्ग पर चलेंगे। 7.   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.26.7 
यादृशं दृश्यते रूपमन्तकप्रतिमं भृशम्।
गमिष्यत्यद्य पदवीं भारद्वाजस्य गौतम:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उनका रूप यमराज के समान अत्यंत भयानक लग रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि आज कृपाचार्य भी द्रोणाचार्य के मार्ग पर चलेंगे। 7.
 
His appearance looks very terrifying, like that of Yamaraja. It seems that today even Krupacharya will follow the path of Dronacharya. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)