Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.25.5: हे भरतश्रेष्ठ! उसने शकुनिपुत्र उलूक को साठ बाणों से घायल किया और उसके सारथि को तीन बाणों से घायल कर दिया। तत्पश्चात उसे और भी अधिक घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतश्रेष्ठ! उसने शकुनिपुत्र उलूक को साठ बाणों से घायल किया और उसके सारथि को तीन बाणों से घायल कर दिया। तत्पश्चात उसे और भी अधिक घायल कर दिया।
O best of the Bharatas! He pierced Shakuni's son Uluka with sixty arrows and afflicted his charioteer with three arrows. After that he injured him even more.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥