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श्लोक 8.25.43  |
यथा दैत्यचमूं राजन् देवराजो ममर्द ह।
तथैव पाण्डवीं सेनां सौबलेयो व्यनाशयत्॥ ४३॥ |
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| अनुवाद |
| महाराज! जिस प्रकार देवताओं के राजा इन्द्र ने दैत्यों की सेना को कुचल दिया था, उसी प्रकार सुबलपुत्र शकुनि ने पाण्डव सेना का विनाश कर दिया। |
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| King! Just as the King of the Gods Indra had crushed the army of demons, in the same way Subala's son Shakuni destroyed the Pandava army. |
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इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि सुतसोमसौबलयुद्धे पञ्चविंशोऽध्याय:॥ २५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें सुतसोम और शकुनिका युद्धविषयक पचीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २५॥
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