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mahabharat 8.25.35: किन्तु गरुड़ के समान पराक्रमी सुतसोम ने अपने प्रशिक्षण और शक्ति के अनुसार युद्ध में चपलता प्रदर्शित की और अपनी तलवार से उन सभी बाणों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  8.25.35 
चिच्छेद तांस्तु खड्गेन शिक्षया च बलेन च।
दर्शयँल्लाघवं युद्धे तार्क्ष्यतुल्यपराक्रम:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
किन्तु गरुड़ के समान पराक्रमी सुतसोम ने अपने प्रशिक्षण और शक्ति के अनुसार युद्ध में चपलता प्रदर्शित की और अपनी तलवार से उन सभी बाणों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया।
 
But Sutasoma, as valiant as Garuda, displayed agility in battle as per his training and strength and broke all those arrows into pieces with his sword.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)