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mahabharat 8.25.2: हे राजन! तत्पश्चात् युयुत्सु ने महाबली उलूक पर तीक्ष्ण बाण से उसी प्रकार प्रहार किया, जैसे इन्द्र अपने वज्र से पर्वत पर प्रहार करते हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.25.2 
युयुत्सुश्च ततो राजन् शितधारेण पत्रिणा।
उलूकं ताडयामास वज्रेणेन्द्र इवाचलम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तत्पश्चात् युयुत्सु ने महाबली उलूक पर तीक्ष्ण बाण से उसी प्रकार प्रहार किया, जैसे इन्द्र अपने वज्र से पर्वत पर प्रहार करते हैं।
 
O King! Then Yuyutsu struck the mighty Uluka with a sharp arrow in the same manner as Indra strikes a mountain with his thunderbolt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)