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mahabharat 8.25.19: हे भरतपुत्र! जब सुतसोम ने अपने पिता के परम शत्रु शकुनि को अपने सामने देखा, तो उन्होंने उसे हजारों बाणों से ढक दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  8.25.19 
सुतसोमस्तु तं दृष्ट्वा पितुरत्यन्तवैरिणम्।
शरैरनेकसाहस्रैश्छादयामास भारत॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे भरतपुत्र! जब सुतसोम ने अपने पिता के परम शत्रु शकुनि को अपने सामने देखा, तो उन्होंने उसे हजारों बाणों से ढक दिया।
 
O son of Bharata! When Sutasoma saw his father's greatest enemy Shakuni in front of him, he covered him with thousands of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)