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mahabharat 8.25.15: हे भारत! उस गदा ने तुरन्त ही श्रुतकर्मा के रथ, घोड़ों और सारथि को भस्म कर दिया और मानो पृथ्वी को छेदती हुई गिर पड़ी।   |   mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.25.15 
सा कृत्वा स्यन्दनं भस्म हयांश्चैव ससारथीन्।
पपात धरणीं तूर्णं दारयन्तीव भारत॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! उस गदा ने तुरन्त ही श्रुतकर्मा के रथ, घोड़ों और सारथि को भस्म कर दिया और मानो पृथ्वी को छेदती हुई गिर पड़ी।
 
O Bharata, that mace immediately consumed Shrutakarma's chariot, horses, and charioteer and fell as if piercing the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)