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श्लोक 8.22.30  |
तां ते सेनां समालोड्य पाण्डुपुत्रस्य सैनिका:।
विक्षोभयित्वा च पुन: कर्णं समभिदुद्रुवु:॥ ३०॥ |
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| अनुवाद |
| आपकी सेना में मंथन और हलचल मचाने के बाद पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर के सैनिकों ने पुनः कर्ण पर आक्रमण कर दिया। |
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| After churning and creating a stir in your army, the soldiers of Yudhishthira, son of Pandu, again attacked Karna. |
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इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे द्वाविंशोऽध्याय:॥ २२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुलयुद्धविषयक बाईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २२॥
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