vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन
»
श्लोक 29
श्लोक
8.22.29
एवं हत्वा तव गजांस्ते पाण्डुरथकुञ्जरा:।
द्रुतां सेनामवैक्षन्त भिन्नकूलामिवापगाम्॥ २९॥
अनुवाद
इस प्रकार आपके हाथियों को मारकर उन श्रेष्ठ पाण्डव योद्धाओं ने देखा कि आपकी सेना तट तोड़ती हुई नदी के समान सब ओर भाग रही है।
Having thus slain your elephants, those excellent Pandava warriors saw that your army was fleeing in all directions like a river breaking its banks.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas