श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 21: कौरव-पाण्डव-दलोंका भयंकर घमासान युद्ध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.21.24 
पाण्डुसृञ्जयपञ्चालान् शरगोचरमागतान्।
ममर्द तरसा कर्ण: सिंहो मृगगणानिव॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार सिंह दृष्टि में आये हुए मृग को कुचल देता है, उसी प्रकार कर्ण ने अपने बाणों की पहुँच में आये पाण्डवों, संजय तथा पांचाल योद्धाओं को कुचल डाला।
 
Just as a lion crushes the deer that comes in its sight, so Karna crushed the Pandavas, Sanjaya and the Panchala warriors who came within the reach of his arrows.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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