Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.19.45: हाथी की पीठ पर बिछे अनेक विचित्र कम्बल फट जाने के कारण विचित्र अवस्था में पहुँच गए हैं। नाना प्रकार की घंटियाँ कटकर गिर गई हैं और गिरते हुए हाथियों ने उन्हें चूर-चूर कर दिया है।' 45. | mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हाथी की पीठ पर बिछे अनेक विचित्र कम्बल फट जाने के कारण विचित्र अवस्था में पहुँच गए हैं। नाना प्रकार की घंटियाँ कटकर गिर गई हैं और गिरते हुए हाथियों ने उन्हें चूर-चूर कर दिया है।' 45.
‘Many strange blankets spread on the back of the elephant have reached a strange state because they have been torn. Various kinds of bells that have been cut and fallen have been crushed to pieces by the falling elephants. 45.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥