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mahabharat 8.18.4: "इसलिए पहले इसे मार डालो और फिर संशप्तकों को मार डालो।" ऐसा कहकर भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को दंडधारी के पास ले गए।   |   mahabharat अध्याय 8.18: अर्जुनके द्वारा हाथियोंसहित दण्डधार और दण्ड आदिका वध तथा उनकी सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 18: अर्जुनके द्वारा हाथियोंसहित दण्डधार और दण्ड आदिका वध तथा उनकी सेनाका पलायन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  8.18.4 
एनं हत्वा निहन्तासि पुन: संशप्तकानिति।
वाक्यान्ते प्रापयत् पार्थं दण्डधारान्तिकं प्रति॥ ४॥
 
 
अनुवाद
"इसलिए पहले इसे मार डालो और फिर संशप्तकों को मार डालो।" ऐसा कहकर भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को दंडधारी के पास ले गए।
 
"Therefore first kill him and then kill the Sanshaptakas." Having said this, Lord Krishna brought Arjun near the one holding the stick.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)