Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.18.21: तत्पश्चात्, विजय की इच्छा से आगे आये अन्य हाथियों को भी अर्जुन ने उसी प्रकार मार डाला, जैसे उसने ऊपर वर्णित दो हाथियों को मारा था। इससे उस विशाल शत्रु सेना में भगदड़ मच गई। | mahabharat अध्याय 8.18: अर्जुनके द्वारा हाथियोंसहित दण्डधार और दण्ड आदिका वध तथा उनकी सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततोऽपरे तत्प्रतिमा गजोत्तमा
जिगीषव: संयति सव्यसाचिना।
तथा कृतास्ते च यथैव तौ द्विपौ
तत: प्रभग्नं सुमहद्रिपोर्बलम्॥ २१॥
अनुवाद
तत्पश्चात्, विजय की इच्छा से आगे आये अन्य हाथियों को भी अर्जुन ने उसी प्रकार मार डाला, जैसे उसने ऊपर वर्णित दो हाथियों को मारा था। इससे उस विशाल शत्रु सेना में भगदड़ मच गई।
Thereafter, the other elephants who came forward with the desire of victory, were killed by Arjuna in the same manner as he had done to the two elephants mentioned above. This caused a stampede in that huge enemy army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥