Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.18.20: तत्पश्चात् अर्जुन ने उस विशाल मेघ के समान श्वेत हाथी को सूर्य की किरणों के समान तेजस्वी उत्तम बाणों से बींध डाला, और वह हाथी वज्र से आहत हिमालय की चोटी के समान घोर शब्द करता हुआ नीचे गिर पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 8.18: अर्जुनके द्वारा हाथियोंसहित दण्डधार और दण्ड आदिका वध तथा उनकी सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 18: अर्जुनके द्वारा हाथियोंसहित दण्डधार और दण्ड आदिका वध तथा उनकी सेनाका पलायन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  8.18.20 
अथ द्विपं श्वेतवराभ्रसंनिभं
दिवाकरांशुप्रतिमै: शरोत्तमै:।
बिभेद पार्थ: स पपात नादयन्
हिमाद्रिकूटं कुलिशाहतं यथा॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन ने उस विशाल मेघ के समान श्वेत हाथी को सूर्य की किरणों के समान तेजस्वी उत्तम बाणों से बींध डाला, और वह हाथी वज्र से आहत हिमालय की चोटी के समान घोर शब्द करता हुआ नीचे गिर पड़ा।
 
After this, Arjuna pierced that elephant, which was as white as a great cloud, with excellent arrows, which were as radiant as the rays of the sun. Then it fell down with a loud sound, like the peak of the Himalayas struck by thunderbolt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)