श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  8.16.37 
तस्य तं निनदं श्रुत्वा पाण्डवोऽच्युतमब्रवीत्।
पश्य माधव दौरात्म्यं गुरुपुत्रस्य मां प्रति॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
(भगवान श्रीकृष्ण का यह कथन और) अश्वत्थामा की उस सिंहनाद को सुनकर पाण्डुपुत्र अर्जुन ने श्रीकृष्ण से कहा - 'माधव! देखो, गुरुपुत्र अश्वत्थामा मेरे प्रति कैसी दुष्टता कर रहा है?' 37॥
 
(This statement of Lord Shri Krishna and) Hearing that lion roar of Ashwatthama, Pandu's son Arjun said to Shri Krishna - 'Madhav! Look, what kind of evil is the right Guru's son Ashwatthama doing towards me? 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)