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mahabharat 8.16.10-11h: उस समय संशप्तक योद्धा क्रोध में भरकर कुपित अर्जुन की ओर दौड़े, मानो मदोन्मत्त बैल मैथुन की इच्छा से गायों के लिए लड़ रहे हों। जिस प्रकार बैल एक-दूसरे पर सींगों से आक्रमण करते हैं, उसी प्रकार वे स्वयं पर भी आक्रमण करने लगे और अपने बाणों से अर्जुन को भी घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  8.16.10-11h 
तं प्रवीरा: सुसंरब्धा नर्दमाना इवर्षभा:।
वासितार्थमिव क्रुद्धमभिद्रुत्य मदोत्कटा:॥ १०॥
निघ्नन्तमभिजघ्नुस्ते शरै: शृङ्गैरिवर्षभा:।
 
 
अनुवाद
उस समय संशप्तक योद्धा क्रोध में भरकर कुपित अर्जुन की ओर दौड़े, मानो मदोन्मत्त बैल मैथुन की इच्छा से गायों के लिए लड़ रहे हों। जिस प्रकार बैल एक-दूसरे पर सींगों से आक्रमण करते हैं, उसी प्रकार वे स्वयं पर भी आक्रमण करने लगे और अपने बाणों से अर्जुन को भी घायल करने लगे।
 
At that time the Samshaptaka warriors, filled with rage, rushed towards the enraged Arjuna, roaring and growling like intoxicated bulls fighting for a cow in desire of mating. And just as bulls attack each other with their horns, in the same manner they attacked themselves and also began injuring Arjuna with their arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)