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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण
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श्लोक 39
श्लोक
8.14.39
तत: समागमो घोरो बभूव सहसा तयो:।
यथा देवासुरे युद्धे वृत्रवासवयोरिव॥ ३९॥
अनुवाद
फिर अचानक उन दोनों वीरों में भयंकर युद्ध छिड़ गया, जैसे देवताओं और दानवों के युद्ध में वृत्रासुर और इन्द्र के बीच होता है।
Then suddenly a fierce battle broke out between those two heroes, like those between Vritraasura and Indra in the war between gods and demons.
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि चित्रवधे चतुर्दशोऽध्याय:॥ १४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें चित्रसेन और चित्रका वधविषयक चौदहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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