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mahabharat 8.10.55: राजन! शत्रुदमन कर्ण ने भी सेनापति का पद प्राप्त कर लिया और सेना को सूर्योदय के समय युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दिया ॥55॥   |   mahabharat अध्याय 8.10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.10.55 
कर्णोऽपि राजन् सम्प्राप्य सैनापत्यमरिंदम:।
योगमाज्ञापयामास सूर्यस्योदयनं प्रति॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
राजन! शत्रुदमन कर्ण ने भी सेनापति का पद प्राप्त कर लिया और सेना को सूर्योदय के समय युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दिया ॥55॥
 
Rajan! Shatrudaman Karna also obtained the post of commander and ordered the army to be ready for war at sunrise. 55॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)