Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.10.53: राजन! इस प्रकार राज्याभिषेक सम्पन्न होने पर अत्यंत तेजस्वी राधापुत्र कर्ण अपने तेज और रूप से दूसरे सूर्य के समान चमकने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  8.10.53 
अभिषिक्तस्तु राधेय: प्रभया सोऽमितप्रभ:।
अत्यरिच्यत रूपेण दिवाकर इवापर:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
राजन! इस प्रकार राज्याभिषेक सम्पन्न होने पर अत्यंत तेजस्वी राधापुत्र कर्ण अपने तेज और रूप से दूसरे सूर्य के समान चमकने लगे।
 
King! After the coronation was thus completed, the extremely radiant Radha's son Karna began to shine like another Sun in his radiance and form.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)