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mahabharat 8.10.30: हे पराक्रमी योद्धा! उन प्रधान सेनापतियों के मारे जाने के बाद बहुत सोचने पर भी मुझे युद्धभूमि में तुम्हारे समान कोई दूसरा योद्धा दिखाई नहीं देता।   |   mahabharat अध्याय 8.10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.10.30 
निहताभ्यां प्रधानाभ्यां ताभ्याममितविक्रम।
त्वत्समं समरे योधं नान्यं पश्यामि चिन्तयन्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
हे पराक्रमी योद्धा! उन प्रधान सेनापतियों के मारे जाने के बाद बहुत सोचने पर भी मुझे युद्धभूमि में तुम्हारे समान कोई दूसरा योद्धा दिखाई नहीं देता।
 
O mighty warrior! After the death of those chief generals, even after much thought, I do not see any other warrior like you in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)