Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.10.25: वे दोनों महान धनुर्धर होते हुए भी वृद्ध थे और अर्जुन के प्रति पक्षपात रखते थे। राधानन्दन! आपके अनुरोध से ही मैंने उन दोनों वीरों को सेनापति बनाकर सम्मानित किया था। 25॥ | mahabharat अध्याय 8.10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वृद्धौ च तौ महेष्वासौ सापेक्षौ च धनंजये।
मानितौ च मया वीरौ राधेय वचनात् तव॥ २५॥
अनुवाद
वे दोनों महान धनुर्धर होते हुए भी वृद्ध थे और अर्जुन के प्रति पक्षपात रखते थे। राधानन्दन! आपके अनुरोध से ही मैंने उन दोनों वीरों को सेनापति बनाकर सम्मानित किया था। 25॥
Despite being great archers, both of them were old and had bias towards Arjuna. Radhanandan! It was at your request that I honored those two brave men by making them commanders. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥