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mahabharat 8.10.24: मेरे दोनों सेनापति, पितामह भीष्म और आचार्य द्रोण, जो अत्यंत पराक्रमी योद्धा थे, युद्ध में मारे गए। अब तुम मेरे सेनापति बनो; क्योंकि तुम उन दोनों से भी अधिक शक्तिशाली हो॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 8.10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.10.24 
भीष्मद्रोणावतिरथौ हतौ सेनापती मम।
सेनापतिर्भवानस्तु ताभ्यां द्रविणवत्तर:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
मेरे दोनों सेनापति, पितामह भीष्म और आचार्य द्रोण, जो अत्यंत पराक्रमी योद्धा थे, युद्ध में मारे गए। अब तुम मेरे सेनापति बनो; क्योंकि तुम उन दोनों से भी अधिक शक्तिशाली हो॥ 24॥
 
My two generals, Grandfather Bhishma and Acharya Drona, who were extremely brave warriors, were killed in the war. Now you become my commander; because you are more powerful than both of them.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)