श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.97.4 
तत: प्रववृते युद्धं त्वरतां सर्वधन्विनाम्।
कुरूणां पाण्डवानां च संक्रुद्धानां परस्परम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कौरव और पाण्डव पक्ष के समस्त धनुर्धर क्रोध और अधीरता से भरकर आपस में लड़ने लगे॥4॥
 
Thereafter all the archers of the Kaurava and Pandava sides, filled with anger and impatience, started fighting amongst themselves. ॥ 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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