Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.97.35: तदनन्तर शिन्कि के पौत्र सात्यकि ने सृंजयों का वध करने में तत्पर द्रोणाचार्य की छाती पर छब्बीस तीखे बाणों से गहरा घाव कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर शिन्कि के पौत्र सात्यकि ने सृंजयों का वध करने में तत्पर द्रोणाचार्य की छाती पर छब्बीस तीखे बाणों से गहरा घाव कर दिया।
Then Satyaki, the grandson of Shinki, inflicted a deep wound on the chest of Dronacharya, who was engaged in killing the Srinjayas, with twenty-six sharp arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥